Dream to Me


ख्वाबों की नगरी का तपता पुजारी,
अरमानों में अपनी दुनिया सज़ा ली।
ज़िंदगी की किताब को खोलकर,
हर पन्ने का स्वरूप संवारेंगे।

रिश्ता इंसानियत का।

स्वतंत्रता दिवस के रोज़ पास वाले स्कूल में फूहड़ गाने बज रहे थे

By Priya Mishra  in  Hindi ,  Society “गणतंत्र दिवस के रोज़ पास वाले स्कूल में फूहड़ गाने बज रहे थे” स्वतंत्रता दिवस के रोज़ अपने घर पर बैठे...