Dream to Me


ख्वाबों की नगरी का तपता पुजारी,
अरमानों में अपनी दुनिया सज़ा ली।
ज़िंदगी की किताब को खोलकर,
हर पन्ने का स्वरूप संवारेंगे।

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रिश्ता इंसानियत का।

स्वतंत्रता दिवस के रोज़ पास वाले स्कूल में फूहड़ गाने बज रहे थे

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